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    Published On : Thu, Jan 14th, 2021

    सावधान : खुनी नायलॉन मांजे से संक्रांत में खूब हो रही है पतंगबाजी

    नागपुर– दो दिन पहले नायलॉन मांजे के कारण 20 साल के प्रणय ठाकरे की मौत हो गई. इस घटना के बाद विभिन्न संघटनों की ओर से मनपा में प्रदर्शन किया गया. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की ओर से भी मनपा में नायलॉन मांजा बेचनेवालों पर सख्त कार्रवाई के लिए धरना प्रदर्शन किया गया. लेकिन गुरुवार 14 जनवरी को मकर सक्रांति के दिन ही बड़े पैमाने पर लोग नायलॉन मांजे से खुलेआम पतंग उड़ाते हुए दिखाई दिए.

    इसके साथ ही गिट्टीखदान, हजारीपहाड, सुरेन्द्रगढ़, दाभा समेत शहर के कई भागों में भी नियमों को ताक पर रखकर खुलेआम नायलॉन मांजा बेचा और ख़रीदा जा रहा है. दो दिन पहले हुई प्रणय की मौत के बाद पुलिस ने भी थोड़ी बहोत कार्रवाई की है. लेकिन इस जानलेवा मांजे पर पूरी तरह से पाबन्दी लगाने में वो भी नाकाम साबित हुई है. इस मांजे से इंसानो के साथ साथ हर साल पक्षी भी हजारों की संख्या में मारे जाते है और कई बेजुबान जानवर भी इससे जख्मी होते है. बावजूद इसके पतंग उड़ानेवाले शौकीन दुसरो की जान की फ़िक्र किए बिना पतंग का मजा लुटते है.

    गुरुवार मकर संक्रांति के दिन शहर में सड़को पर कई वाहनचालक गले में मांजे के डर के कारण दुप्पटा बांधकर दिखाई दिए. नायलॉन मांजे को लेकर हाईकोर्ट में भी सु-मोटो याचिका है और इसको लेकर हाईकोर्ट भी सख्त है. इसके साथ ही बुधवार को शहर में पुलिस और मनपा के न्यूसेन्स डिटेक्शन स्क्वॉड ने मिलकर कुछ युवको के खिलाफ कार्रवाई भी की है.

    महापौर दयाशंकर तिवारी ने शहर के फ्लाईओवर पर तार लगाने के निर्देश दिए है. मेडीकल हॉस्पिटल ने भी नायलॉन मांजे से जख्मियों के लिए डिजास्टर वार्ड तैयार किया है. आपातकालीन स्थिति में तुरंत रैपिड एंटीजेन टेस्ट करके सर्जरी की जाएगी. इसके साथ ही इस वार्ड में पुरे टाइम डॉक्टर मौजूद रहेंगे.

    प्रशासन के साथ साथ दुसरो की सुरक्षा नागरिकों की भी जिम्मेदारी
    हर साल की तरह इस साल भी नायलॉन मांजे ने जान ले ही ली है. तो कई वाहनचालक इस मांजे से जख्मी भी हुए है. प्रशासन और पुलिस भले ही कार्रवाई कर रही हो, लेकिन शहर में रहनेवाले आम नागरिकों की भी दुसरो की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी बनती है. नागरिकों को चाहिए की मकर सक्रांति का त्यौहार घर में रहकर ही मनाए और किसी भी तरह से न खुद और नाही ही अपने बच्चों को नायलॉन मांजे का इस्तेमाल करने दे. इसके साथ ही वाहनचालक भी हेलमेट के साथ ही दुपट्टा गले में बांधकर वाहन चलाये और वाहनों को थोड़ा धीरे चलायें, जिससे की अगर नायलॉन मांजा किसी प्रकार से गले में फसता भी है तो तुरंत गाडी रोककर उसे निकाला जा सके.

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