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    Published On : Fri, Jan 29th, 2021

    भाजपा के षड़यंत्र के खिलाफ नहीं झुकेगा किसान, कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ – अतुल लोंढे

    नागपुर– कृषि कानूनों को लेकर किसानों के बीच और सरकार के बीच गतिरोध बढ़ता ही जा रहा है. पिछले 2 महीने से ज्यादा समय हो चूका है, कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए किसान दिल्ली में धरना प्रदर्शन कर रहे है. लेकिन भाजपा की सरकार कृषि कानूनों को रद्द करने को तैयार नहीं है. कांग्रेस की ओर से भी लगातार कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की जा रही है. इस कृषि कानून के मुद्दे पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव विशाल मुत्तेमवार और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता अतुल लोंढे ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है.

    लोंढे ने कहा है की सरकार ने जिनके लिए कानून बनाया है, उनको भरोसे में क्यों नहीं लिया, अगर कृषि कानून इतने अच्छे है तो ? अगर इतने लाभ, किसानों को इस कानून से इतने फायदे होनेवाले थे तो संसद में बिना चर्चा के, और नियमों के विरुद्ध इसे कैसे पास किया गया. उन्होंने कहा की अभी तक कानून नहीं था , अब कानून बनाया गया है, तो मिनिमम सपोर्ट प्राइज जो की सबसे आवश्यक, उसे क्यों दरकिनार किया गया. उन्होंने कहा की अनाज के स्टोरेज की सीमा को समाप्त करने से एफसीआई के गोदामों में कर्ज का बोझ बढ़ गया है, क्योंकि 2015 के बाद के बजट में एफसीआई के मेंटेनन्स की व्यवस्था नहीं करने के कारण इस पर करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो चूका है.

    कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर लोंढे का कहना है की किसानों को कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की सहूलियत है, लेकिन अगर विवाद उत्पन्न होता है तो एसडीएम के रेवेन्यू कोर्ट और दीवानी कोर्ट में पीड़ित किसान की सुनवाई नहीं हो सकती. इससे किसानों के खेतमाल को वाजिब दाम नहीं मिल पायेगा. क्योंकि एमएसपी पर माल खरीदना अनिवार्य नहीं है. अगर एमएसपी पर सरकार खेतमाल खरीदी नहीं करती तो अन्न सुरक्षा कानून अमल में कैसे आएगा. इससे गरीब लोगों को और किसानों को काफी नुक्सान होगा. इसके साथ ही भंडारण पर नियंत्रण नहीं होने के कारण समूचे बाजार में किसानों की फसल के दामों पर चंद व्यापरियों का कब्ज़ा हो जाएगा.

    लोंढे के अनुसार मांग और आपूर्ति पर व्यापरियों का कब्ज़ा होने के कारण तेजी से महंगाई बढ़ेगी. जिसका खामियाजा शहर के गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों को भुगतना होगा. खेत मजदुर, उद्योगों में काम करनेवाला मजदुर, इस महंगाई की चपेट में आ जाएगा. इससे पुरे में देश में गरीबी आ जाएगी. इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ पर होगा.

    इसलिए इन कृषि कानूनों को संसद में नियमों को कुचलकर पास किया गया है और इस कृषि कानूनो के विरोध में जब किसान सड़क पर उतरा तो उसको भी कुचला जा रहा है. लोंढे का कहना है की पिछले 70 सालों में गरीबों का अनाज तिजोरियों से निकालकर कांग्रेस ने देश के गरीबों तक और आम आदमी तक पहुंचाया है. उस प्रक्रिया को उल्टा घुमाने की प्रक्रिया को कांग्रेस पार्टी कभी मंजूर नहीं करेगी और ऐसा कतई होने नहीं देगी. किसान भाजपा के षड़यंत्र के खिलाफ नहीं झुकेगा और कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में हमेशा रहेगी.

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