Published On : Mon, Aug 4th, 2014

चिखली : मार्गदर्शन नहीं तो फल-प्राप्ति भी नहीं होती


हभप अनिल महाराज पाटिल बार्शीकर ने कहा


चिखली

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हभप अनिल महाराज पाटिल बार्शीकर ने कहा कि साधन होने के बावजूद अगर सही मार्गदर्शन न हो तो मनुष्य साध्य से वंचित रह जाता है. एकाध बार साधना कम हो जाए मगर दिशा अचूक हो तो साधना का फल मिलता ही है. लेकिन अगर साधना बहुत अधिक है और दिशा यानी मार्गदर्शन नहीं हो तो फल-प्राप्ति नहीं होती. पवित्र श्रावणमास, स्थानीय भारत माता सेवा समिति और चेचे पाटिल फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित भव्य श्रीराम कथा व अखंड हरिनाम सप्ताह के अंतर्गत प्रतिदिन रात में प्रख्यात कीर्तनकारों के प्रवचन का रसास्वादन लोग कर रहे हैं. इसी क्रम में 2 अगस्त को रात 8 बजे ज्ञानसिंधु हभप अनिल महाराज पाटिल के कीर्तन हुए.

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प्रारंभ में भारत माता सेवा समिति और चेचे पाटिल फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय चेके पाटिल ने हभप अनिल महाराज पाटिल का शाल-श्रीफल व पुष्पहार से स्वागत किया. महाराष्ट्र राज्य वारकरी महामंडल के अध्यक्ष प्रकाशबुवा जवंजाल व कार्यक्रम के संयोजक सुनील वायाल ने अनिल पाटिल महाराज का पूजन कर स्वागत किया. इस अवसर पर प्रख्यात गायनाचार्य खुशाल महाराज गायकी, भीमराव शास्त्री पवार, पृथ्वीराज सपकाल, रामदास मोरे, देवानंद झगरे, अनंता गाडेकर, विलास खंदारे, मृदगाचार्य विनोद महाराज खंदारे, नागेश महाराज के साथ ही सैकड़ों लोग उपस्थित थे.