Published On : Mon, Mar 20th, 2017

वासनकर फ्रॉड – कंपनी की संपत्ति मूल्यांकन रिपोर्ट अदालत में शामिल करने का आदेश

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नागपुर: सोमवार को जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने वासनकर मामले पर अहम बैठक की। वासनकर वेल्थ मॅनेजमेंट कंपनी निवेशकों को ढगी का शिकार बनाकर करोड़ो का चुना निवेशकों को लगाया है। ढगी का मामला सामने आने के बाद निवेशकों ने जिला सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

अदालत के निर्देश पर आज जिलाधिकारी ने मामले की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने महाराष्ट्र निवेशक हित और संरक्षण कानून 1999 के अंतर्गत कंपनी की जप्त की गयी संपत्ति के आकलन की रिपोर्ट 10 अप्रैल से बहाल अदालत में जमा कराने के आदेश दिए। जिलाधिकारी ने मामले पर हो रही कार्यवाही की जानकारी निवेशकों को भी देने की बात कही।

मे. वासनकर वेल्थ मॅनेजमेंट कंपनी के संचालक प्रशांत वासनकर पर निवेशकों द्वारा किये गए निवेश के पैसे वापस न लौटने और उनसे ठगी के मामले में पुलिस में मामला दर्ज किया गया था। अदालत के आदेश के बाद कंपनी की चल -अचल संपत्ति को जप्त किया गया जिसके मूल्यांकन के लिएएसडीओ की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। सोमवार को हुई बैठक में मार्च तक जप्त की गई कंपनी की संपत्ति के मूल्यांकन की रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। मे. वासनकर वेल्थ मॅनेजमेंट कंपनी के संचालक प्रशांत जयदेव वासनकर, अभिजित चौधरी, भाग्यश्री वासनकर, मिथील वासनकर, कर्मचारी चंद्रकांत रॉय के साथ अन्य पर निवेशकों से धोखाधड़ी करने के मामले पर अंबाझरी पोलिस स्टेशन अंतर्गत कलम 406, 420, 506, 120 बी भांदविसह कलम 3 व महा.एम.पी.आय.डी.आय. कानून 1999 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

जाँच समिति ने संपत्ति का जो मूल्यांकन किया है उसके अनुसार कंपनी की 21 स्थानों पर मौजूद संपत्ति की कीमत 17 करोड़ 58 लाख 31 हजार 600 रूपए है जबकि 67 बैंक खातों में 16 लाख 99 हजार 81 रुपये और 94 लाख 34 हजार 495 रूपए विभिन्न बैंको में जमा है। यह सभी संपत्ति सरकार को सुपुर्द करने का आदेश आज की बैठक में दिया गया है।

पुलिस की अपराध शाखा के अप्पर पुलिस आयुक्त द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक निवेशकों की संख्या 688 है। निवेशकों ने कुल 98 करोड़ 71 लाख 36 हजार 403 रूपए का निवेश किया है और कंपनी को 1 अरब 83 करोड़ 48 लाख 58 हजार 585 रूपए लौटने है।

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