Published On : Wed, Jan 11th, 2017

आरटीओ कार्यों के लिए ऑनलाइन को तरजीह

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नागपुर:
 शहर के आरटीओ दफ्तरों में इधर भीड़ कम होने लगी। वजह है शुल्कों में बढ़ोत्तरी और इ-तकनीक का आमजनों द्वारा इस्तेमाल। राज्य की भाजपा-शिवसेना सरकार ने विविध परिवहन शुल्कों और लाइसेंस फीस में चार गुना तक बढ़ोत्तरी कर दी है, जिससे आम नागरिकों की कमर टूट रही है। शुल्कों में बेतहाशा वृद्धि ने आरटीओ दफ्तर पहुँचने वालों की संख्या में एकाएक कमी कर दी। हालाँकि आरटीओ दफ्तर के कर्मचारियों का कहना है कि भीड़ की कमी से उनके काम का बोझ कम नहीं हुआ है, क्योंकि अब इ-तकनीक से जुड़कर लोगबाग अपने उन कामों को आसानी से अंजाम दे रहे हैं, पहले जिन्हें करने में हफ़्तों का वक़्त लग जाया करता था।

नागपुर जिले के परिवहन अधिकारी शरद जिचकार के अनुसार, ‘नागरिकों में ऑनलाइन तरीके से अपना काम करा लेने की समझ बढ़ रही है, इसलिए आने वाले दिनों में लोग आरटीओ दफ्तर सिर्फ लाइसेंस के लिए ट्रायल देने ही आएंगे।’

इ-तकनीक
वाहन विक्रेताओं और डीलरों को वाहन के पंजीयन के लिए अब तक ग्रॉस पेमेंट चेक अथवा डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से करना पड़ता था, लेकिन अब यह शुल्क सिर्फ ऑनलाइन पद्धति से ही स्वीकार किया जाता है। आरटीओ विभाग से सम्बंधित सभी काम के लिए सरकार ने नाइसगोव नाम से ऍप जारी किया है, इसके अलावा परिवहन सेवा डॉट कॉम नामक वेबपोर्टल के जरिए भी आरटीओ दफ्तर से जुड़े सभी कामों को आसानी से अंजाम दिया जा सकता है।

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Sunita Mudaliar - Executive Editor
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